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Wednesday, October 10, 2018

October 10, 2018

नवरात्रि (2018) नौ देवी के अवतार, पूजा विधि और मंत्र सम्पूर्ण जानकारी

नवरात्रि (2018):- देवी अवतार और पूजा मंत्र सम्पूर्ण जानकारी 


 मां शैलपुत्री:- नवरात्रि (2018)


मां दुर्गा का प्रथम रूप शैलपुत्री का है हिमालय की पुत्री होने के कारण यह शैलपुत्री कहलाती है नवरात्रि (2018) के प्रथम दिन कलश स्थापना के साथ इनकी पूजा की जाती है  भगवती के पहले स्वरूप को शास्त्रों में शैलपुत्री कहा गया है। माता सती पार्वती का ही रूप है माता सती के पिता प्रजापति दक्ष ने एक विशाल यंग करवाया और उसमें सभी देवी देवताओं को बुलाया शंकर और माता सती को निमंत्रण नहीं भेजा जब यह पार्वती को पता चला तो वह भगवान शंकर के पास पहुंची और यज्ञ में जाने की इच्छा जाहिर की। शिव ने कहा कि बिना निमंत्रण के यज्ञ में नहीं जाना चाहिए। लेकिन माता सती की इच्छा के कारण भगवान शिव ने पार्वती को जाने की अनुमति दे दी। यह नवरात्रि (2018) का पहला पड़ाव था।
शैलपुत्री

मंत्र :- या देवी सर्वभूतेषु सृष्टि रूपेण संस्थिता,
 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। 

मां दुर्गा का प्रथम रूप शैलपुत्री का है हिमालय की पुत्री होने के कारण यह शैलपुत्री कहलाती है नवरात्रि (2018) के प्रथम दिन कलश स्थापना के साथ इनकी पूजा की जाती है
भगवती के पहले स्वरूप को शास्त्रों में शैलपुत्री कहा गया है। माता सती पार्वती का ही रूप है माता सती के पिता प्रजापति दक्ष ने एक विशाल यंग करवाया और उसमें सभी देवी देवताओं को बुलाया शंकर और माता सती को निमंत्रण नहीं भेजा जब यह पार्वती को पता चला तो वह भगवान शंकर के पास पहुंची और यज्ञ में जाने की इच्छा जाहिर की। शिव ने कहा कि बिना निमंत्रण के यज्ञ में नहीं जाना चाहिए। लेकिन माता सती की इच्छा के कारण भगवान शिव ने पार्वती को जाने की अनुमति दे दी। यह नवरात्रि (2018) का पहला पड़ाव था।  जब वह अपने पिता राजा दक्ष के यहां पहुंची तो वहां परिजनों ने और किसी ने ठीक से उनसे बात तक नहीं की परिजनों के इस व्यवहार से उनके मन को बहुत कष्ट पहुंचा। यहां भगवान शंकर के प्रति तिरस्कार का भाव भरा हुआ है।

दक्षिण में भगवान शंकर के प्रति कुछ अपमानजनक वचन भी कहे यह सब देखकर उनका हृदय क्षोभ प्लान और क्रोधित हो उठा। उन्होंने सोचा शंकर की बात ना मान बहुत बड़ी गलती की है माता सती अपने पति के इस अपमान को सह सकीं। उन्होंने अपने उस रूप को तत्क्षण बही जलाकर भस्म कर दिया। इस दुखद घटना को सुनकर शंकर जी ने क्रोधित होकर अपने गणो को भेजकर दक्ष के यज्ञ का पूर्णता विध्वंस करवा दिया। सती ने द्वारा अपने शरीर को भस्म कर अगले जन्म में शैलराज की पत्ती के रूप में जन्म लिया इस बार वे शैलपुत्री नाम से विख्यात हुईं। हेमवती भी उनका ही नाम है मां शैलपुत्री की आराधना से भक्तों को सर्वोच्च शिखर प्राप्त होता है शरीर में स्थित शक्ति जागृत होकर रोग शोक रुपी दैत्यों का विनाश करती है। दुर्गा के पहले स्वरूप में शैलपुत्री मानव के मन पर आधिपत्य रखती हैं जीवन में प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचने की शक्ति मां शैलपुत्री ही प्रदान करती हैं इनके एक हाथ में त्रिशूल तथा दूसरे में कमल का फूल रहता है उनका वाहन बैल है। उनका स्थान प्रत्येक प्राणी में नाभि चक्र से नीचे स्थित 'मूलाधार' चक्र को बताया गया है। यही वह स्थान है जहां आद्य शक्ति कुंडलिनी के रूप में रहती हैं। इसलिए नवरात्रि (2018) के प्रथम दिन देवी की उपासना में योगी अपने मन को मूलाधार के चक्कर में स्थिर करते हैं। पूर्व जन्म की भांति इस जन्म में भी शिव जी की ही अर्धांगिनी बनी। नवदुर्गा में प्रथम शैलपुत्री दुर्गा का महत्व और शक्तियां अनंत है।

मां ब्रह्मचारिणी:- नवरात्रि (2018)


ब्रह्मांड में चेतना का स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी के रूप में भक्तों को आशीष देता है। ब्रह्म का अर्थ वह परम चेतना है जिसका ना तो कोई आदि है और ना अंत। दूसरे दिन भक्त ध्यान मग्न होकर दिव्य अनुभूति मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते हैं। मां के इस स्वरूप की आराधना करने वालों की शक्तियां अनंत हो जाती हैं
मां ब्रह्मचारिणी

मंत्र :- या देवी सर्वभूतेषु विद्या  रूपेण संस्था,
 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। 

ब्रह्मांड में चेतना का स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी के रूप में भक्तों को आशीष देता है। ब्रह्म का अर्थ वह परम चेतना है। जिसका ना तो कोई आदि है और ना अंत। दूसरे दिन भक्त ध्यान मग्न होकर दिव्य अनुभूति मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते हैं। मां के इस स्वरूप की आराधना करने वालों की शक्तियां अनंत हो जाती हैं। फलस्वरूप उसके दुख दूर होते हैं और परम सुखों को प्राप्त करता है। आनंद में ब्राह्मण की प्राप्ति कराना ही ब्रह्मचारिणी का स्वभाव है समान निर्मल कांतिमय और भक्ति रूप वाली दो भुजाओं वाली ब्रह्मचारिणी को कौमारी शक्ति का स्थान योगियों ने स्वाधिष्ठान चक्र में बताया है। एक हाथ में कमंडल दूसरे में चंदन की माला रहती है भक्तों को मां ब्रह्मचारिणी प्रत्येक काम में सफलता देती है बे मार्ग से कभी नहीं भटकते और जीवन के कठिन संघर्षों में भी अपने कर्तव्यों का पालन बिना विचलित हुए करते रहते हैं। इनका वाहन पर्वत की चोटी को बताया गया है। देवी दुर्गा का यह रूप साधकों को बल प्रदान करता है साधकों को यश सिद्धि और सर्वत्र विजय की प्राप्ति होती है। नवरात्रि (2018) में द्वितीय देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप पूर्ण जो दिल में है वह अनुरूप में लीन है देवी का मुख दिव्य तेज से भरा है। और भंगिमा शांत है विकट तपस्या के कारण अद्भुत तेज और अद्वितीय कांति का अनूठा संगम है तीनो लोक प्रकाशमान हो रहे ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त मां ब्रह्मचारिणी का व्रत करता है वह कभी भी अपने जीवन में नहीं भटकता और उसे जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

मां चंद्रघंटा:- नवरात्रि (2018)


देवी चंद्रघंटा मन की नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित कर भक्तों के भाग्य को समृद्ध करती हैं नवरात्रि (2018)) के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है चंद्र हमारी बदलती हुई भावनाओं, विचारों का प्रतीक है।
देवी चंद्रघंटा

मंत्र :- या देवी सर्वभूतेषु शक्ति  रूपेण संस्था,
 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। 

देवी चंद्रघंटा मन की नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित कर भक्तों के भाग्य को समृद्ध करती हैं नवरात्रि (2018)) के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है चंद्र हमारी बदलती हुई भावनाओं, विचारों का प्रतीक है। घंटे का अभिप्राय मंदिर में स्थित घंटा एवं उसकी ध्वनि कंपनी से उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा है। अस्त-व्यस्त मानव मन जो विभिन्न विचारों भाव में उलझा रहता है मां चंद्रघंटा की आराधना कर सांसारिक कष्टों से मुक्ति पाकर देवी चेतना का साक्षात्कार करता है। इनके मस्तक पर घंटे का आकार का अर्धचंद्र है। इन के 10 हाथ हैं ,जिनमें एक हाथ में कमल का फूल, एक में कमंडल, एक में त्रिशूल, एक में गदा, एक में तलवार एक में, धनुष और एक में बाण, है। एक हाथ ह्रदय पर, एक हाथ आशीर्वाद मुद्रा, में और एक अभय मुद्रा में रहता है। चंद्रघंटा का वाहन बाघ है। मां की आराधना से साधक में ना केवल साहस और निर्भयता का बल्कि सौम्यता और विनम्रता का भी विकास होता है। उनकी देर और स्वर में दिव्य कांति और मधुरता का समावेश हो जाता है उनके शरीर से तेज सा निकलता पड़ता है मां चंद्रघंटा जिस पर दृष्टि डालती हैं उन्हें अदभुत शांति और सुख का अनुभव होता है।

मां कूष्मांडा:- नवरात्रि (2018)


पवित्र और शुद्ध मन से :- नवरात्रि (2018) के चतुर्थ दिन मां कुष्मांडा की आराधना कर भक्त गण अपनी आंतरिक प्राणशक्ति को ऊर्जावान बनाते हैं। कूष्मांडा का अभिप्राय कद्दू से है। एक पूर्ण कलाकार व्रत की भांति मानव शरीर में स्थित प्राणशक्ति दिन रात सभी जीव जंतुओं का कल्याण करती है। बुद्धिमता और शक्ति की वृद्धि करती है।
मां कुष्मांडा



मंत्र :- या देवी सर्वभूतेषु तुस्टि  रूपेण संस्था,
 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। 

पवित्र और शुद्ध मन से  नवरात्रि (2018) के चतुर्थ दिन मां कुष्मांडा की आराधना कर भक्त गण अपनी आंतरिक प्राणशक्ति को ऊर्जावान बनाते हैं। कूष्मांडा का अभिप्राय कद्दू से है। एक पूर्ण कलाकार व्रत की भांति मानव शरीर में स्थित प्राणशक्ति दिन रात सभी जीव जंतुओं का कल्याण करती है। बुद्धिमता और शक्ति की वृद्धि करती है। 'कू' का अर्थ है छोटा ऊर्जा और 'अंड' का अर्थ है ब्रह्मांड गोला। धर्म ग्रंथों में मिलने वाले वर्णों के अनुसार अपनी हल्की सी मुस्कान मात्र से अंड को उत्पन्न करने वाली होने कारण ही इन्हें कूष्मांडा कहां गया है। जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था चारों और अंधकार ही अंधकार था तब कूष्मांडा देवी ने महाशून्य मैं अपने हाथ से उजाला करते हुए अंडे की उत्पत्ति की जो कि बीज रूप में तत्वों से मिला और ब्रह्मांड बना। इस प्रकार मां दुर्गा का यही अजन्मा और आज शक्ति रुप है जीवो में इनका स्थान 'अनाहतक चक्र' माना गया है। नवरात्र के चौथे दिन योग्यजन इसी चक्कर में अपना ध्यान लगाते हैं मां कूष्मांडा का निवास सूर्यलोक में है। कुछ लोक में निवास करने की क्षमता और शक्ति केवल इनमें है इन के स्वरूप की क्रांति और तेज मंडल भी सूर्य के समान ही अतुलनीय है। कूष्माण्डा देवी की आठ भुजाएं हैं। जिनमें कमंडल, धनुष बाण, कमल पुष्प, शंख, चक्र, गदा, और सभी सिद्धियों को देने वाली जपमाला है। मां के पास इन सभी चीजों के अलावा हाथ में अमृत कलश भी है इनका वाहन सिंह है और इन्हें आयुष और आरोपी की वृद्धि होती है। अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं मां के पूजन से प्रमोद की प्राप्ति हो सकती है।

मां स्कंदमाता:- नवरात्रि (2018)


नवरात्रि (2018) के 5 में दिन मां स्कंदमाता की आराधना करने से वक्त अपने व्यवहारिक ज्ञान को कर्म में परिवर्तित करते हैं। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार इच्छा शक्ति , ज्ञान शक्ति और प्रिया शक्ति समागम है। जब ब्रह्मांड मैं व्याप्त शिव तत्व का मिलन होता है तो स्कंद का जन्म होता है। मां स्कंदमाता ज्ञान और क्रिया के स्रोत आरंभ का प्रतीक मानी गई है। योगी जन इस दिन 'विशुद्ध चक्र' में अपना मन एकाग्र करते हैं स्कंद माता का स्थान है। स्कंदमाता का विग्रह चारभुजा वाला है यह अपनी गोद में भगवान स्कंद को बैठाये रखती हैं। दाहिनी और ऊपर वाली भुजा से धनुष बाण धारी, 6 मुख वाले बाल रूप स्कंध को पकड़े रहती हैं जबकि बाई और की ऊपर वाली भुजा दाता मुद्रा में रखती है। इनका वर्ण पूरी तरह निर्मल कांति वाला सफेद है यह कमलासन पर विराजत है वाहन के रूप में इन्होंने सिंह को अपनाया है कमलासन वाली स्कंदमाता को पद्मासन भी कहा जाता है। यह कोई शस्त्र धारण नहीं करती।
मां स्कंदमाता


मंत्र :- या देवी सर्वभूतेषु मातृ  रूपेण संस्था,
 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। 

 नवरात्रि (2018) के 5 में दिन मां स्कंदमाता की आराधना करने से वक्त अपने व्यवहारिक ज्ञान को कर्म में परिवर्तित करते हैं। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार इच्छा शक्ति , ज्ञान शक्ति और प्रिया शक्ति समागम है। जब ब्रह्मांड मैं व्याप्त शिव तत्व का मिलन होता है तो स्कंद का जन्म होता है। मां स्कंदमाता ज्ञान और क्रिया के स्रोत आरंभ का प्रतीक मानी गई है। योगी जन इस दिन 'विशुद्ध चक्र' में अपना मन एकाग्र करते हैं स्कंद माता का स्थान है। स्कंदमाता का विग्रह चारभुजा वाला है यह अपनी गोद में भगवान स्कंद को बैठाये रखती हैं। दाहिनी और ऊपर वाली भुजा से धनुष बाण धारी, 6 मुख वाले बाल रूप स्कंध को पकड़े रहती हैं जबकि बाई और की ऊपर वाली भुजा दाता मुद्रा में रखती है। इनका वर्ण पूरी तरह निर्मल कांति वाला सफेद है यह कमलासन पर विराजत है वाहन के रूप में इन्होंने सिंह को अपनाया है कमलासन वाली स्कंदमाता को पद्मासन भी कहा जाता है। यह कोई शस्त्र धारण नहीं करती।

मां कात्यायनी:- नवरात्रि (2018)


मां कात्यायनी दिव्यता के अती गुप्त रहस्य की प्रतीक है। नवरात्री के ६ वे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनका आभामंडल विभिन्न देवों के तेज से मिश्रित इंद्रधनुषी छटा देता है। प्राणियों में इनका का वास आज्ञा चक्र में होता है। और योग साधक इस दिन अपना ध्यान आज्ञा चक्र में लगाते हैं। माता कात्यायनी की एक भुजा अभय देने वाली मुद्रा में तथा नीचे वाली भुजा वर देने वाली मुद्रा में रहती है। ऊपर वाली भुजा में वे चंद्रहास खड़क धारण करती है जबकि नीचे वाली भुजा में कमल का फूल रहता है। कात्यानी देवी की उपासना करने वाला भक्त बड़ी सहजता से धर्म अर्थ काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थ ओं की प्राप्ति कर लेता है साधक को मां कात्यायनी दर्शन देकर कथा करती है।
मां कात्यायनी

मंत्र :- या देवी सर्वभूतेषु स्मृति  रूपेण संस्था,
 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। 

मां कात्यायनी दिव्यता के अती गुप्त रहस्य की प्रतीक है। नवरात्री के ६ वे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनका आभामंडल विभिन्न देवों के तेज से मिश्रित इंद्रधनुषी छटा देता है। प्राणियों में इनका का वास आज्ञा चक्र में होता है। और योग साधक इस दिन अपना ध्यान आज्ञा चक्र में लगाते हैं। माता कात्यायनी की एक भुजा अभय देने वाली मुद्रा में तथा नीचे वाली भुजा वर देने वाली मुद्रा में रहती है। ऊपर वाली भुजा में वे चंद्रहास खड़क धारण करती है जबकि नीचे वाली भुजा में कमल का फूल रहता है। कात्यानी देवी की उपासना करने वाला भक्त बड़ी सहजता से धर्म अर्थ काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थ ओं की प्राप्ति कर लेता है साधक को मां कात्यायनी दर्शन देकर कथा करती है।


मां कालरात्रि:- नवरात्रि (2018)


नवरात्र के सप्तम दिन मां कालरात्रि की उपासना से प्रतिकूल ग्रहों द्वारा उत्पन्न की जाने वाली बाधाएं समाप्त होती है। जातक अग्नि जल जंतु शत्रु आदि के भय से मुक्त हो जाता है। मां कालरात्रि का रूप भयानक होने के बावजूद भी वह शुभ फल देने वाली देवी है। मां कालरात्रि नकारात्मक तामसी और राक्षसी प्रवृत्तियों का विनाश कर भक्तों को दानव दैत्य भूत प्रेत आदि से अभय प्रदान करती हैं। मां का यह रूप भक्तों को ज्ञान और वैराग्य प्रदान करता है घने अंधेरे की तरह एकदम गहरे काले रंग वाली सिर के बाल बिखरे रहने वाली माता के तीन नेत्र हैं। तथा इनके सांस से निकलती है।
मां कालरात्रि

मंत्र :- ऊँ  ऐं हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै। 
नवरात्र के सप्तम दिन मां कालरात्रि की उपासना से प्रतिकूल ग्रहों द्वारा उत्पन्न की जाने वाली बाधाएं समाप्त होती है। जातक अग्नि जल जंतु शत्रु आदि के भय से मुक्त हो जाता है। मां कालरात्रि का रूप भयानक होने के बावजूद भी वह शुभ फल देने वाली देवी है। मां कालरात्रि नकारात्मक तामसी और राक्षसी प्रवृत्तियों का विनाश कर भक्तों को दानव दैत्य भूत प्रेत आदि से अभय प्रदान करती हैं। मां का यह रूप भक्तों को ज्ञान और वैराग्य प्रदान करता है घने अंधेरे की तरह एकदम गहरे काले रंग वाली सिर के बाल बिखरे रहने वाली माता के तीन नेत्र हैं। तथा इनके सांस से निकलती है। कालरात्रि मां दुर्गा का सातवा विग्रह स्वरूप है। इनके तीनो नेत्र ब्रह्मांड के गोले की तरह गोल है उनके गले में विद्युत जैसी हटा देने वाली सफेद माला सुशोभित रहती है इन के चार हाथ है मां कालरात्रि का स्वरूप भयानक है लेकिन भी भक्तों को सफल देती हैं। गधा है वे अपने भक्तों की रक्षा के लिए हथियार भी रखती हैं। योगी साधकों द्वारा कालरात्रि का स्मरण सहस्त्र चक्र में ध्यान केंद्रित करके किया जाता है।

उनके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों की प्राप्ति के लिए राहत खोल देती है जी के पूजन से साधक के समस्त पाप धुल जाते हैं। और उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। मां कालरात्रि के चार हाथों में से दो हाथों में शस्त्र रहते हैं एक हाथ अभय मुद्रा में तथा एक वर मुद्रा में रहता है। मां का उप र का तन लाल रक्त में वस्तु से तथा नीचे का आधा भाग बाघ के चमड़ी से ढका रहता है। मां की भक्ति से दुष्टों का नाश होता है और गृह बाधाएं दूर हो जाती हैं।

मां महागौरी:- नवरात्रि (2018)


 नवरात्रि (2018) के आठवें दिन मां महागौरी की उपासना से वक्त के जन्म जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं। और मार्ग से भटका हुआ जातक भी सन्मार्ग पर आ जाता है शक्ति रूप भक्तों को तुरंत और अमु फल देता है। भविष्य में पांच संताप निर्धनता दीनता और उसके पास नहीं भटकते इनकी कृपा से साधक सभी प्रकार से पवित्र और अक्षय पुयों के अधिकारी हो जाता है।
मां महागौरी 

मंत्र :- या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी  रूपेण संस्था,
 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। 

 नवरात्रि (2018) के आठवें दिन मां महागौरी की उपासना से वक्त के जन्म जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं। और मार्ग से भटका हुआ जातक भी सन्मार्ग पर आ जाता है शक्ति रूप भक्तों को तुरंत और अमु फल देता है। भविष्य में पांच संताप निर्धनता दीनता और उसके पास नहीं भटकते इनकी कृपा से साधक सभी प्रकार से पवित्र और अक्षय पुयों के अधिकारी हो जाता है।
कमल फूल चंद्र अथवा सूरत संघ जैसे निर्मल गौर वर्ण वाली महागौरी के समस्त भूषण और यहां तक कि इनका वाहन हिम के समान सफेद रंग वाला बैल माना गया है।इनकी चारभुज हैं। उनमें ऊपर के दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले दाहिने हाथ में त्रिशूल है वाले बाएं हाथ में डमरू और नीचे वाली बाएं हाथ पर वर मुद्रा में रहती है। अमोघ और सत्य फल दायिनी है इनकी उपासना से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। सभी पाप भी नष्ट हो जाते हैं।

मां सिद्धिदात्री:- नवरात्रि (2018)


नवरात्रि (2018) के 9 वे दिन मां सिद्धिदात्री के पूजन अर्चन से भक्तों को जीवन में अद्भुत सिद्धि क्षमता प्राप्त होती है। जिनके फलस्वरूप पूर्णता के साथ सभी कार्य संपन्न होते हैं। माता दुर्गा अपने भक्तों को ब्रह्मांड की सभी सिद्धियां प्रदान करती हैं देवी भागवत पुराण के अनुसार भगवान शिव ने भी इन्ही की कृपा से सिद्धियां को प्राप्त किया था।  कृपा से भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ और वह लोक में अर्धनारीश्वर के रूप में स्थापित हुए।
मां सिद्धिदात्री

मंत्र :- या देवी सर्वभूतेषु सिद्धि  रूपेण संस्था,
 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। 

नवरात्रि (2018) के 9 वे दिन मां सिद्धिदात्री के पूजन अर्चन से भक्तों को जीवन में अद्भुत सिद्धि क्षमता प्राप्त होती है। जिनके फलस्वरूप पूर्णता के साथ सभी कार्य संपन्न होते हैं। माता दुर्गा अपने भक्तों को ब्रह्मांड की सभी सिद्धियां प्रदान करती हैं देवी भागवत पुराण के अनुसार भगवान शिव ने भी इन्ही की कृपा से सिद्धियां को प्राप्त किया था।  कृपा से भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ और वह लोक में अर्धनारीश्वर के रूप में स्थापित हुए।

नवरात्रि (2018)  पूजन के अंतिम दिन भक्त और साधक माता सिद्धिदात्री की शास्त्रीय विधि विधान से पूजा करते हैं। हाथ में चक्र ऊपर वाले दाहिने हाथ में गदा रहती है। बाईं और के नीचे वाले हाथ में शंख तथा ऊपर वाले हाथ में कमल पुष्प रहता है। अगर एकाग्रता और निष्ठा से उनकी विधि से पूजा करे तो उसे सभी सिद्धियां प्राप्त हो जाती है। श्रष्टी मैं कुछ भी प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाता है। देवी ने अपना यह स्वरूप भक्तों पर अनुकंपा बरसाने के लिए धारण किया है।




Tuesday, September 25, 2018

September 25, 2018

Malware और Virus क्या है? और यह कितने प्रकार का होता है


Virus के प्रकार      Malware ek prakaar ka software prograam hai. ise maleshiya sophtaveyar bhee kahate hain jo aapake kampyootar ko bahut nukasaan pahunchaata hai is softwarer ko Hackers anya logon ke Commputer se daata choree karane ke lie dijain karate hain haikar kee bhaasha mein mailaveyar taim ka yooz vaayaras spaeeveyar aur phorm shaadee ke lie kiya jaata hai yah sabhee vaayaras ke hee roop hai mailaveyar aapakee nijee phailon tak pahunch kar unhen doosaree kisee divais mein traansaphar kar sakata hai isake jarie haikars aapakee soochanaen photo veediyo baink ka akaunt se judee jaanakaaree chura sakate hain maleshiya sophtaveyar aapake kampyootar mein kaee tarah se aa sakate hain ya to aap khud hee inhen galatee se daunalod kar le ya kisee spaim eemel ke jarie ya kisee vebasait ke jarie aapake kampyootar mein pahunch jaen  mailaveyar ke prakaar  mailisiyas sophtaveyar kaee prakaar ke hote hain jo alag-alag tarah se hamaare kampyootar aur deta ko nukasaan pahunchaate hain

Virus के प्रकार 



 Malware ek prakaar ka software prograam hai. ise maleshiya sophtaveyar bhee kahate hain jo aapake kampyootar ko bahut nukasaan pahunchaata hai is softwarer ko Hackers anya logon ke Commputer se daata choree karane ke lie dijain karate hain haikar kee bhaasha mein mailaveyar taim ka yooz vaayaras spaeeveyar aur phorm shaadee ke lie kiya jaata hai yah sabhee vaayaras ke hee roop hai mailaveyar aapakee nijee phailon tak pahunch kar unhen doosaree kisee divais mein traansaphar kar sakata hai isake jarie haikars aapakee soochanaen photo veediyo baink ka akaunt se judee jaanakaaree chura sakate hain maleshiya sophtaveyar aapake kampyootar mein kaee tarah se aa sakate hain ya to aap khud hee inhen galatee se daunalod kar le ya kisee spaim eemel ke jarie ya kisee vebasait ke jarie aapake kampyootar mein pahunch jaen
mailaveyar ke prakaar
mailisiyas sophtaveyar kaee prakaar ke hote hain jo alag-alag tarah se hamaare kampyootar aur deta ko nukasaan pahunchaate hain 

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Virus

Virus malware ka sabase lokapriy prakaar hai ham baakee ke malware ko bhee vaayaras hee bulaate hain lekin yah sabhee ek jaise nahin hai. 
ek local computer mein sabase jyaada khatara Virus se hee hota hai Virus hamaare paas ek saadhaaran software ke roop mein hee aata hai jab ham ise apane computer mein instol karate hain to yah hamen apana asalee rang dikhaata hai computer kee jarooree files jaise opareting system imphekted kar deta hai ya use kraish kar deta hai jisase computer kharaab aur daata curpt ho jaata hai

CPCB Guidelines for Water Quality Monitoring: जाने कहाँ -कहाँ है गंगा नहाने योग्य किस जगह हैं गन्दी

Worms

Worms  kaaphee had tak computer vaayaras kee tarah hee hote hain isakee khaas baat yah hai ki yah apane aap kee hee kaee copy bana sakata hai yaanee yah fail jaata hai aur aapake netavark se jude kisee bhee ek computer mein imphekted kar sakata hai ise phailane ke lie kisee nirdesh kee jaroorat nahin padatee hai yah aapake computermein emel internet surfhing downloding ke samay aa sakata hai yah Virus kee tarah hee aapake deta ko nukasaan pahunchaata hai ya use kraish kar deta hai

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Trojan Horse 


trojan computer main instol hote hee us par niyantran pa leta hai isake baad yah vaayaras aur doosare vaaras se computer  par hamale karavaata hai jisase hamaara daata karapt ho jaata hai
rainasamaveyar: rainasamaveyar ke ek baar computer mein install hone ke baad saara daata encript yaanee use lok kar diya jaata hai use dikript karane ke lie ham se paise maange jaate hain rainasamaveyar ke jyaadaatar hamale bitakoin ya kripto karensee ke bhugataan ke lie hee hote hain jisase rainasamaveyar ke devalapar ko ya bhejane vaale ko pakada na ja sake

Spyware

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Adware

Adware ka makasad aapake computer ka daata ko haani pahunchaana nahin hota balki isake install hone ke baad aapako bina kisee app ko opan kie hee home screen par hee vigyaapan  dikhane lagate hain isaka makasad aapase aid par klik karava kar paise kamaana hota hai

MoMo Game Whatsapp suicide game challenge| 2018

Malware se bachane ke tareeke

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SOFTWARE download karne kel liye hanesa officially website ka hee upayog karen cheejen jaisee filmen ya paid software mupht mein download karane ke chakkar mein na rahe isakee vajah se aapake deta ko khatara bhee ho sakata hai aajakal maarket mein free sophtaveyar aur cheet sheet maujood hai jo paid sophtaveyar ko phree mein istemaal karane kee paramishan detee hain main aapako bataana chaahata hoon ki yah bilkul bhee surakshit nahin hai main aap kisee bhee ped sophtaveyar ka phree mein istemaal karane kee koshish na karen yah aapako aur aapake sistam ke lie khataranaak ho sakata hai

Monday, September 10, 2018

September 10, 2018

Google Docs की मदद से बनाये सुन्दर रिज्यूम-2018

Google Docs की मदद से बनाये सुन्दर रिज्यूम 

how to make a resume from Google Docs
Google Docs 


आप Google Docs पर  एक अच्छा रिज्यूम बना सकते हैं, वह भी बिल्कुल फ्री में। आज हम इसी टॉपिक पर बात करने वाले हैं तो वैसे तो इंटरनेट पर रिज्यूम बनाने वाली वेबसाइट की कोई कमी नहीं है।  लेकिन अगर आप माइक्रोसॉफ्ट का अच्छे से इस्तेमाल करना जानते हैं तो आप खुद से रिज्यूम बना सकते हैं।  आप खुद से एक रिज्यूम बनाना चाहते हैं तो कैसा बना सकते हैं ।  हम बिना किसी सॉफ्टवेयर के  बिना किसी ऐप के बिना माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस को यूज किए सुंदर रिज्यूम बना सकते हैं। दोस्तों यह काम करेंगे हम Google Docs  के जरिए तो चलिए जान लेते हैं कि हम कैसे Google Docs का इस्तेमाल करके अपना रिज्यूम बना सकते हैं

तो सबसे पहले जाना होगा आपको google.com पर और वहां टाइप करना होगा Google Docs जैसे ही आप यह वर्ड टाइप करेंगे आप के होम पेज पर गूगल डॉक्स की लिंक दिखाई देगी। पहली लिंक पर आप क्लिक करके Google Docs में प्रवेश कर जाएंगे। Google Docs में आने के बाद आपको वहां बहुत सारे ऑप्शन नजर आएंगे वहां आपको पांच टेंपलेट दिखाई देंगी अगर आप अपनी खुद की टेंपलेट लगाना चाहते हैं तो वह भी आप लगा सकते हैं। आप यहां कोई भी टेंपलेट चुनकर अपना रिज्यूम बड़ी ही आसानी से बना सकते हैं अगर आप अपने रिज्यूम में संशोधन करना चाहते हैं तो आप बड़ी आसानी से कर सकते हैं। और दोस्तों सबसे अच्छी बात यह है कि इस रिज्यूम मैं आप अपना फोटो किसी भी वेबसाइट या प्रोफाइल का लिंक और कोई भी कमेंट ऐड कर सकते हैं इसी के साथ अगर आप अब वह किसी के साथ शेयर करना चाहते हैं तो वह सेवा भी आपको यहां उपलब्ध होगी।

दोस्तों आप Google Docs की मदद से सिर्फ रिज्यूम ही नहीं बल्कि इसके अलावा और भी महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं जैसे अगर आपको कोई स्प्रेडशीट यूज़ करनी है तो वह भी आप यहां कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आप खुद का एक कैलेंडर बनाना चाहते हैं तो वह भी यहां बड़ी आसानी से बना सकते हैं। दोस्तों Google Docs एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो आपकी सभी समस्याओं का समाधान कर देता है.
इसके अलावा किसी भी प्रकार का मंथली बजट बनाना चाहती हैं वह भी आप Google Docs की मदद से बना सकते हैं। अगर आप अपने बनाए हुए रिज्यूम को गूगल ड्राइव में सेव करना चाहते हैं तो बेहद ही Google Docs की मदद से आसानी से कर सकते हैं।
दोस्तों यह सर्विस Google की तरफ से बिल्कुल फ्री है और आसान भी यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां वेबसाइट की मदद से सिक्योर तरीके से अपना रिज्यूम बना सकते हैं। दोस्तों अब मुझे नहीं लगता आपको किसी भी तरह की थर्ड पार्टी वेबसाइट की जरूरत है। आप अपना रिज्यूम अपने हाथों से बड़ी ही आसानी से बिना किसी रूकावट के बना सकते हैं। वह भी Google Docs की मदद से जो पूरी तरह फ्री है

और आपको यह पोस्ट पसंद आए लाइक करना मत भूलिएगा अगर आपने हमारी वेबसाइट को सब्सक्राइब नहीं किया है तो कर लीजिए अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं। दोस्तों मैं आशा करता हूं आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी धन्यवाद


Wednesday, September 5, 2018

September 05, 2018

Asia Cup 2018 - के लिया भारतीय टीम का चयन-रोहित शर्मा होंगे इंडिया के नए कप्तान-19 सितम्बर को भारत बनाम पाकिस्तान


virat kohli

एशिया कप के लिया भारतीय टीम का चयन

एशिया कप ले लिए बीसीसीआई ने भारतीय टीम का चयन कर लिया है। भारतीय टीम के स्टार कप्तान विराट कोहली को इस टूर्नामेंट में आराम दिया गया है। इस टूर्नामेंट की कमान भारत के सलामी बल्लेबाज़हिट हिटमैन कहे जाने वाले रोहित शर्मा को सौंपी गयी है। इसी के साथ भारतीय टीम के उपकप्तान की कमान गब्बर उर्फ़शिखर धबन को सौंपी गई है।

यह होगी भारत की प्लेइंग इलेवन


रोहित शर्मा (कप्तान) शिखर धवन (बल्लेबाज) लोकेश राहुल (बल्लेबाज) अंबाती रायुडू (बल्लेबाज) मनीष पांडे (बल्लेबाज) केदार जाधव (ऑलराउंडर) एमएस धोनी (विकेट-कीपर) दिनेश कार्तिक (बल्लेबाज) हार्डिक पांड्य (ऑल राउंडर ) कुलदीप यादव (गेंदबाज) युजेंद्र चहल (गेंदबाज) एक्सार पटेल (ऑलराउंडर) भुवनेश्वर कुमार (बॉयलर) जसप्रित बमराह (गेंदबाज) शारदुल ठाकुर (गेंदबाज) के खलील अहमद (गेंदबाज)
IND VS PAK
एशिया कप का पहला मैच 15 सितम्बर को दुबई में बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेला जायेगा। इस टूर्नामेंट में कुल 5 टीमें हिस्सा लेंगी जिन्हे दो ग्रुप A अथवा ब में बांटा गया है। जहां A ग्रुप में भारत ,पाकिस्तान और ग्रुप B में अफगानिस्तान ,बांग्लादेश ,श्रीलंका होंगी।
COOL KOLHI
भारत VS पाकिस्तान
ASIA CUP 2018
भारत और पाकिस्तान के बीच 19 सितम्बर को 11 बजे इस टूर्नामेंट का सबसे रोमांचित मैच होगा। जहां भारत अपनी बैटिंग लाइनअप और जबरदस्त बोलिंग को लेकर पाकिस्तान को धूल चटाने की पूरी कोशिश करेगा बहीं पाकिस्तान की टीम भी अपनी बोलिंग का करिश्मा दिखाने को बेताब रहेगी। इस बात से हम सभी चिरपरिचित हैं की भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी मैच होता है तो मैच देखने का मज़ा कैसा होता है। उम्मीद करता हूँ इस बार भी पाकिस्तान में जमकर टीवी फूटेंगी।



Friday, August 31, 2018

August 31, 2018

2018 | श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव | पूजा विधि | दिनांक | मंत्र

भगवान श्री कृष्ण  ऐसे दिए हैं जिन्होंने स्त्री शक्ति की रक्षा का संदेश संसार को दिया है। भारत में लोग इनका जन्मोस्त्सव कृष्ण जन्माष्टमी के रूप मनाते हैं। और जगत को चेताया है कि स्त्री का सम्मान नहीं करेंगे तुम महान विनाश निश्चित है।  नारी और कृष्ण के  बीच मजबूत और अटूट बंधन है जो युगों युगों से चला आ रहा है सुख सागर में भगवान विष्णु के 24 अवतार कहे गए हैं जिन्हें  सनकादिक वराह अवतार नारद नर-नारायण कपिल यज्ञ ऋषभदेव पृथु  मत्स्यावतार धनवंती मोहिनी बामन नरसिंह   अवतार  इन सभी 24 अवतारों में शुराम वेदव्यास राम कृष्ण बुद्ध कलयुग का नाम दिया गया है  इन सभी 24 अवतारों में भगवान श्री कृष्ण का अवतार अकथनीय अकल्पनीय और अद्भुत है ऐसे देव हैं जो प्रेम का संदेश देते हैं उनका सम्मान और रक्षा का संदेश देते हैं भगवान श्रीकृष्ण 16 कलाओं से युक्त हैं संयुक्त माता पार्वती भी हैं जिन्हें तंत्र शास्त्र में काली द्रोपदी कमला तारा इत्यादि नामों से भी पुकारा जाता है तंत्र शास्त्र में स्पष्ट उल्लेख है कि जब माता पार्वती एवं शिव के मन में राज करने की इच्छा उत्पन्न हुई तो माता पार्वती की कृष्ण बन गई तथा भगवान  शिव भी राधा बन गई थी इसलिए काली का बीज मंत्र   कालिके नमः तथा भगवान कृष्ण का बीज मंत्र एक ही है काली की पूजा भी अष्टमी तिथि की रात्रि में की जाती है  भगवान कृष्ण की पूजा भी मध्य रात्रि 12:00 बजे की जाती है भविष्य पुराण  मैं भगवान कृष्ण ने स्वयं युधिस्टर से कहा है
कृष्ण जन्माष्टमी

कृष्ण जन्माष्टमी 

भगवान श्री कृष्ण ऐसे दिए हैं जिन्होंने स्त्री शक्ति की रक्षा का संदेश संसार को दिया है। भारत में लोग इनका जन्मोस्त्सव कृष्ण जन्माष्टमी के रूप मनाते हैं। और जगत को चेताया है कि स्त्री का सम्मान नहीं करेंगे तुम महान विनाश निश्चित है। नारी और कृष्ण के बीच मजबूत और अटूट बंधन है जो युगों युगों से चला आ रहा है भगवान विष्णु के 24 अवतार कहे गए हैं जिन्हें सनकादिक वराह अवतार नारद नर-नारायण कपिल यज्ञ ऋषभदेव पृथु मत्स्यावतार धनवंती मोहिनी बामन नरसिंह अवतार इन सभी 24 अवतारों में शुराम वेदव्यास राम कृष्ण बुद्ध कलयुग का नाम दिया गया है इन सभी 24 अवतारों में भगवान श्री कृष्ण का अवतार अकथनीय अकल्पनीय और अद्भुत है ऐसे देव हैं जो प्रेम का संदेश देते हैं उनका सम्मान और रक्षा का संदेश देते हैं भगवान श्रीकृष्ण 16 कलाओं से युक्त हैं संयुक्त माता पार्वती भी हैं जिन्हें तंत्र शास्त्र में काली द्रोपदी कमला तारा इत्यादि नामों से भी पुकारा जाता है तंत्र शास्त्र में स्पष्ट उल्लेख है कि जब माता पार्वती एवं शिव के मन में राज करने की इच्छा उत्पन्न हुई तो माता पार्वती की कृष्ण बन गई तथा भगवान शिव भी राधा बन गई थी इसलिए काली का बीज मंत्र कालिके नमः तथा भगवान कृष्ण का बीज मंत्र एक ही है काली की पूजा भी अष्टमी तिथि की रात्रि में की जाती है भगवान कृष्ण की पूजा भी मध्य रात्रि 12:00 बजे की जाती है भविष्य पुराण मैं भगवान कृष्ण ने स्वयं युधिस्टर से कहा है "मैं वासुदेव एवं देवकी से भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को उत्पन्न हुआ था जो 16 कलाएं पार्वती में विद्वान हैं मैं उन सभी से परिपूर्ण हूं इसलिए उच्चस्थ चंद्रमा में मेरा जन्म हुआ इस धरा को पापों से मुक्त करने के लिए ही मेरा जन्म हुआ है।" भगवान कृष्ण का जन्म महिलाओं की सम्मान की रक्षा के लिए हुआ था, क्योंकि राम जी का जन्म दिन में मध्यकाल दोपहर 12:00 बजे शुक्ल पक्ष में तथा दशमी तिथि को हुआ वर्ग की राशि नक्षत्र तथा तिथि है भगवान कृष्ण का जन्म कृष्ण कृष्ण पक्ष मध्य रात्रि अष्टमी को हुआ यह सभी स्त्री संज्ञक हैं। इन्हीं कारणों प्रभु का जन्म कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है।



भाद्रपद कृष्ण पक्ष

भगवान कृष्ण ने जितना सम्मान महिलाओं को दिया शायद किसी भी अन्य ईश्वर अवतार में नहीं मिला।   लगन  मैं चंद्रमा वह भी रोहिणी नक्षत्र का ऐसे व्यक्ति को माता के रूप में भी अनेक स्त्रियों से मातृत्व  का प्यार मिलता है।  क्योंकि चंद्रमा की 27 पत्नियां हैं तथा गया सबसे अधिक प्यार रोशनी नाम की पत्नी से करते हैं जब किसी पुरुष की चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में बैठता है तो  उसमें से वह सभी गुण आ जाते हैं जो कृष्ण में विद्वान हैं और  वह सभी महिलाओं से सम्मान प्राप्त करता है।  इसी कारण भगवान कृष्ण ने यशोदा माता एवं देवकी प्यार पाया और एक आदर्श पुत्र हुए।  माता के  प्यार के वशीभूत उन्होंने अपनी लीला की।
भगवान कृष्ण 


भगवान कृष्ण ने जितना सम्मान महिलाओं को दिया शायद किसी भी अन्य ईश्वर अवतार में नहीं मिला। लगन मैं चंद्रमा वह भी रोहिणी नक्षत्र का ऐसे व्यक्ति को माता के रूप में भी अनेक स्त्रियों से मातृत्व का प्यार मिलता है। क्योंकि चंद्रमा की 27 पत्नियां हैं तथा गया सबसे अधिक प्यार रोशनी नाम की पत्नी से करते हैं जब किसी पुरुष की चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में बैठता है तो उसमें से वह सभी गुण आ जाते हैं जो कृष्ण में विद्वान हैं और वह सभी महिलाओं से सम्मान प्राप्त करता है। इसी कारण भगवान कृष्ण ने यशोदा माता एवं देवकी प्यार पाया और एक आदर्श पुत्र हुए। माता के प्यार के वशीभूत उन्होंने अपनी लीला की।

जन्माष्टमी पूजा विधि

जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण के पूजन के लिए लकड़ी के पट्टे पर लाल पीला या सफेद वस्त्र बिछाएं। उत्तर मुखी होकर भगवान श्री कृष्ण के बाल गोपाल रूप की नई प्रतिमा या चित्र को आसन पर स्थापित करें। नियमानुसार और मंत्रोचार के साथ श्री कृष्ण जन्माष्टमी का विधिवत पूजन करें।


  • उपवास की पूर्व रात्रि को हल्का भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • उपवास के दिन प्रातः काल स्नान करके नित्यकर्मों से निवृत हो जाएं।
  • इसके बाद सूर्य सोम यम काल संधि पवन दिक्पति भूमि खेचर अमर और ब्रह्मादि को नमस्कार कर पूर्व या उत्तर मुख्य बैठे।
  • इसके बाद जल फल कुश और दूध लेकर संकल्प करें-
"ममखिलपापप्रशमनपूर्वकसर्वाभीष्ट सिधेय "

  • अब के समय काले तिल मिले जल से स्नान कर देवकी जी सूतिका गृह सुनिश्चित करें।
  • तत्पश्चात भगवान श्री कृष्णा की मूर्तियां चित्र स्थापित करें।
  • मूर्ति में बालक श्रीकृष्ण को स्तनपान कराती हुई देवकी और लक्ष्मीजी उनके चरण स्पर्श किए हो अथवा ऐसे भाव हो.
  • इसके बाद विधि विधान से पूजा करें मन में देवकी वसुदेव नंद यशोदा और लक्ष्मी इन सबका नाम क्रमशः लेना चाहिए।
  • फिर निम्न मंत्र से पुष्पांजलि अर्पित करें।
"प्रणवे देव जननी त्वया जातस्तु वामनः।
वसुदेवात तथा कृष्णो नमस्तभ्यं नमो नमः।
सुपुत्रधरय प्रदत्तं में ग्रहणंम नमोस्तुते। "

  • बाद में प्रसाद वितरण करते कर भजन कीर्तन करते हुए रतजगा करें।
इस प्रकार आप कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा नियमानुसार कर सकते हैं।

यहां जन्माष्टमी पूजा विधि भी बताई गई है। लोग इन्हे राधे कृष्ण, गोपाल, मुरलीवाला, घनश्याम, मोहन, आदि नामों से पुकारते हैं। इस बार जन्माष्टमी 02-09-2018 को मथुरा में मनाई जाएगी।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पूजा विधि दिनांक मंत्र

Wednesday, August 29, 2018

August 29, 2018

| 14422 | पता करें, आपका पुराना मोबाइल चोरी का तो नहीं | facttalk.in |


 `देश में मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाओ पर अंकुश लगाने के उदेस्य से केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय की पहल से खुद पता लगाया जा सकता है जो पुराना मोबाइल आप खरीदने जा रहे हैं, कहीं वह चोरी का तो नहीं। उपभोक्ता की बस दूरसंचार विभाग की हेल्पलाइन 14422 पर एक सन्देश भेजना होगा। इसके बाद अगले कुछ पलों में आने वाले जवाव में साफ हो जायेगा की पुराना मोबाइल चोरी का है या नहीं। चोरी और बदले गए इंटरनेशनल मोबाइल एक्यूप्मेंट आइडेंटिटी (IMEI) नम्बर बाले मोबाइल  जरिये आपराधिक तथा आतंकी गतिविधियां के बढ़ते मामलों के मददेनज़र सरकार ने यह रास्ता निकाला है। ताकि अनजान लोग चोरी का मोबाइल नहीं खरीद सकें। आमतौर पर लोग ऐसा मोबाइल खरीद लेते हैं और उन्हें हकीकत का पता पुलिस की गिरफत में आने के बाद लगता है। तब तक काफी देर हो चुकी होती है और खरीददार की परेशानी काफी बढ़ जाती है। www.facttalk.in
Stolen Phone Checker


पता करें, आपका पुराना मोबाइल चोरी का तो नहीं 


`देश में मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाओ पर अंकुश लगाने के उदेस्य से केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय की पहल से खुद पता लगाया जा सकता है जो पुराना मोबाइल आप खरीदने जा रहे हैं, कहीं वह चोरी का तो नहीं। उपभोक्ता की बस दूरसंचार विभाग की हेल्पलाइन 14422 पर एक सन्देश भेजना होगा। इसके बाद अगले कुछ पलों में आने वाले जवाव में साफ हो जायेगा की पुराना मोबाइल चोरी का है या नहीं। चोरी और बदले गए इंटरनेशनल मोबाइल एक्यूप्मेंट आइडेंटिटी (IMEI) नम्बर बाले मोबाइल  जरिये आपराधिक तथा आतंकी गतिविधियां के बढ़ते मामलों के मददेनज़र सरकार ने यह रास्ता निकाला है। ताकि अनजान लोग चोरी का मोबाइल नहीं खरीद सकें। आमतौर पर लोग ऐसा मोबाइल खरीद लेते हैं और उन्हें हकीकत का पता पुलिस की गिरफत में आने के बाद लगता है। तब तक काफी देर हो चुकी होती है और खरीददार की परेशानी काफी बढ़ जाती है। 


ये भी पड़ें :- Up Police Online FIR App: ऑनलाइन एफआईआर करें -2018

IMEI बदलने पर तीन साल की सजा 

 `देश में मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाओ पर अंकुश लगाने के उदेस्य से केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय की पहल से खुद पता लगाया जा सकता है जो पुराना मोबाइल आप खरीदने जा रहे हैं, कहीं वह चोरी का तो नहीं। उपभोक्ता की बस दूरसंचार विभाग की हेल्पलाइन 14422 पर एक सन्देश भेजना होगा। इसके बाद अगले कुछ पलों में आने वाले जवाव में साफ हो जायेगा की पुराना मोबाइल चोरी का है या नहीं। चोरी और बदले गए इंटरनेशनल मोबाइल एक्यूप्मेंट आइडेंटिटी (IMEI) नम्बर बाले मोबाइल  जरिये आपराधिक तथा आतंकी गतिविधियां के बढ़ते मामलों के मददेनज़र सरकार ने यह रास्ता निकाला है। ताकि अनजान लोग चोरी का मोबाइल नहीं खरीद सकें। आमतौर पर लोग ऐसा मोबाइल खरीद लेते हैं और उन्हें हकीकत का पता पुलिस की गिरफत में आने के बाद लगता है। तब तक काफी देर हो चुकी होती है और खरीददार की परेशानी काफी बढ़ जाती है। www.facttalk.in
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भारतीय केंद्र सरकार ने IMEI नम्बर बदलने पर तीन साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान लागू किया है। गौरबतल है की अब IMEI नम्बर से छेड़छाड़ करने वाले के खिलाफ पुलिस और एजेंसियां दंडात्मक प्राबधान के तहत मुकददमा दर्ज कर सकती हैं। 

CPCB Guidelines for Water Quality Monitoring: जाने कहाँ -कहाँ है गंगा नहाने योग्य किस जगह हैं गन्दी

हेल्पलाइन नम्बर बताएगा फ़ोन की हकीकत 
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उपभोक्ता को सेकंड हैंड मोबाइल खरीदते वक्त हेल्पलाइन 14422 पर KYM (IMEI नम्बर ) संदेश भेजना होगा। इस सन्देश के जबाब में यह स्पष्ट हो जायेगा की IMEI नम्बर बदला तो नहीं गया। साथ ही यह भी स्पष्ट हो जायेगा की मोबाइल की निर्माता कंपनी कौन है। सेकंड हेंड फ़ोन मोबाइल में जारी आईएमईआई नम्बर किस ब्रांड या मॉडल को सपोर्ट करता है। 15 अंकों के IMEI नम्बर का आबंटन हर कंपनी के फ़ोन और उसके मॉडल के लिए अलग होता है। क्योंकि यह एक तरह से हैंडसेट की पहचान है। चोरी या अन्य तरीके से मोबाइल हासिल करने वाले लोग इसका IMEI नम्बर बदल देते हैं, जिससे खरीददार अंजान व्यक्ति को एक तरह से खतरे में डाल जाता है। उपभोक्ता *#06# डायल करके अपने नम्बर का IMEI जान सकते हैं। 


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काम नहीं करेंगे अवैध मोबाइल 

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Bandhan App


सन्देश के द्वारा सी-डॉट द्वारा mBandhan App तैयार किया गया है, जो अभी परिक्षण के दौर से गुजर रहा है। यह प्ले स्टोर पर मौजूद है, लेकिन फ़िलहाल सेवाएं नहीं दे रहा है। आने वाले दिनों में इसके जरिये भी सेकंड हैंड मोबाइल की हकीकत का पता चल सकेगा। दूरसंचार विभाग के निर्देश पर सी-डॉट में केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर के ट्रायल का पहला कदम सी-डॉट ने पुणे में शुरू किया था। पुरे देश में यह व्यवस्था दिसम्बर तक लागू की जा सकती है। इसके बाद सभी अबैध मोबाइल नेटवर्क पर नहीं चलेंगे। यह कवायद तब शुरू हुई जब मंत्रालय को एक सर्वे में यह पता चला की देश में एक ही IMEI नम्बर पर 18 हज़ार हैंडसेट चल रहे हैं। 


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Saturday, August 25, 2018

August 25, 2018

Raksha Bandhan Photography | Shayari | Image | Application | App | Whatsapp Status | Photo Frame | 2018 | FactTalk.In |

हिन्दू कलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन या श्रावण माह में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है जब भाई और बहन अपने स्नेही बंधन की पुष्टि करते हैं। आम तौर  पर यह एक हिन्दू त्यौहार है। लेकिन आज कल इसे विभिन्न धर्मों के लोग भी इसे मनाने लगे हैं। इस दिन बहन स्नेह और उत्क्रष्ट भावनाओं के प्रतीक के रूप में अपने भाई की कलाई पर एक पवित्र धागे को बांधती है। जिसे राखी कहा जाता है। बदले में भाई अपनी बहन की रक्षा करने और उन्हें उपहार देने का वादा करता है। आज तकनीकी ने हमारी कई समस्याओं को दूर कर दिया है। अब हम स्मार्टफोन के जरिये चुटकियोन में इ-राखी, Raksha Bandhan Photography, सन्देश और तस्वीर संदेशो के माध्यम से अपनी बात कह सकते हैं। इस रक्षा बंधन पर आप अपने भाई-बहन, दोस्तों और रिश्तेदारों की कुछ एप की मदद से शुभकामनायें भेज सकते हैं। और इस त्यौहार से जुडी जानकारी भी ले सकते हैं।

Raksha Bandhan Photography


Raksha Bandhan Photography

हिन्दू कलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन या श्रावण माह में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है जब भाई और बहन अपने स्नेही बंधन की पुष्टि करते हैं। आम तौर  पर यह एक हिन्दू त्यौहार है। लेकिन आज कल इसे विभिन्न धर्मों के लोग भी इसे मनाने लगे हैं। इस दिन बहन स्नेह और उत्क्रष्ट भावनाओं के प्रतीक के रूप में अपने भाई की कलाई पर एक पवित्र धागे को बांधती है। जिसे राखी कहा जाता है। बदले में भाई अपनी बहन की रक्षा करने और उन्हें उपहार देने का वादा करता है। आज तकनीकी ने हमारी कई समस्याओं को दूर कर दिया है। अब हम स्मार्टफोन के जरिये चुटकियोन में इ-राखी, Raksha Bandhan Photography, सन्देश और तस्वीर संदेशो के माध्यम से अपनी बात कह सकते हैं। इस रक्षा बंधन पर आप अपने भाई-बहन, दोस्तों और रिश्तेदारों की कुछ एप की मदद से शुभकामनायें भेज सकते हैं। और इस त्यौहार से जुडी जानकारी भी ले सकते हैं।

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Rakhsha Bandhan Status


Raksha Bandhan Photography: इस एप में रक्षा बंधन के लिए स्टेटस, कोट्स सन्देश और शायरी सर्बश्रेष्ठ संग्रह हिंदी में उपलब्ध है। यहाँ से आप अपने पसंदीदा स्टेटस को फेवरेट लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। इसमें 2018 के बेहतरीन वेहतरीन रक्षा बंधन स्टेटस और कोट्स को संग्रहित किया गया है। इस एप पर एक हज़ार से भी अधिक स्टेटस मौजूद हैं। इस एप की मदद से आप प्रत्यक्ष रूप से संदेशों को साधारण सन्देश, टेलीग्राफ और व्हाट्सप्प पर अपने भाई बहन या दोस्तों के साथ साझा कर सकते हैं। इस एप को गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। और इसका उपयोग करने कल लिए कोई भी चार्ज नहीं लिया जाता।

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GIF And Raksha Bandhan 2018

इस एप की गैलरी में रक्षाबंधन की शुभकामनायें सहित हज़ार से अधिक तस्वीरें मौजूद हैं। साथ ही इसमें कई सन्देश और ग्रीटिंग भी हैं। इस एप की मदद से तैयार की गई तस्वीर की यूजर वॉलपेपर के रूप ने भी प्रयोग कर सकते हैं। इस एप की खासियत यह है की यूजर नवीन रक्षा बंधन GIF, Raksha Bandhan Photography छवि पा सकते हैं। आप अपनी पसंद के मुताविक GIF तस्वीर को बदल भी सकती हैं इस एप को उपयोग करने के दौरान इंटरनेट की आवस्यकता नहीं पड़ती। लेकिन आप किसी सन्देश या GIF तस्वीर को ईमेल या सोशल नेटवर्क पर अपने दोस्तों परिवार और प्रियजनों आदि  के साथ साझा कर सकती हैं।

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Raksha Bandhan Songs

इस एप को खासतौर पर रखबंधन को ध्यान में रखकर  किया गया है। इसमें रक्षा बंधन से जुड़े अधिकतर गानो को संग्रहित किया गया है। इस पर रक्षा बंधन से जुड़े वॉलपेपर सन्देश gif फोटोफ्रेम राखी की तस्वीर आदि दी गई हैं। इस एप में दिए गए फोटो एडिटर, Raksha Bandhan Photography विकल्प की मदद से आप अपने स्मार्ट फ़ोन पर मौजूद तस्वीरों पर भी राखी फोटो फ्रेम और सन्देश लगा सकती हैं। इस एप पर रक्षाबंधन पर्व से जुड़े 25 से अधिक गाने मौजूद हैं। जिन्हें आप अपनी पसंद के मुताविक श्रेणीबद्ध कर सकते हैं।

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Raksha Bandhan Hindi Shayari 

इस एप की मदद से आप रक्षा बंधन की प्यार भरी शुभकामनायें ग्रीटिंग कार्ड के रूप में भेज सकती हैं। इसकी मदद से आप एक कार्ड ग्रीटिंग के रूप में गिफ्ट बनाकर आसानी से अपने भाई बहन या दोस्तों के साथ साझा कर सकती हैं। इस एप में फोटो के साथ में फोटो के साथ में नए संदेशों का भी संकलन किया जा सकता है। इस एप की मदद से फोटो और टेक्स्ट को मिलाकर बहुत ही सुन्दर रक्षा बंधन की शुभकामनायें का अनूठा कार्ड,Raksha Bandhan Photography तैयार किया  सकता है। 
  

Tuesday, August 21, 2018

August 21, 2018

MoMo Game Whatsapp suicide game challenge| 2018 | After Blue Whale Game | | Facttalk.in

ब्लू व्हेल गेम के बाद एक बार फिर से मौत का खेल शुरू हो गया है। बा एक नया गेम MOMO Game सोशल मीडिया पर आ चूका है जिसका मकसद लोगों की जान लेना है। यह गेम लोगों को खतरनाक चैलेंज पूरे करने के लिए देता है जिसका मकसद लोगों की जान के साथ खिलवाड़करना है। तो सावधान हो जाइये आप ?
MoMo

MOMO Game

ब्लू व्हेल गेम के बाद एक बार फिर से मौत का खेल शुरू हो गया है। बा एक नया गेम MOMO Game सोशल मीडिया पर आ चूका है जिसका मकसद लोगों की जान लेना है। यह गेम लोगों को खतरनाक challenge पूरे करने के लिए देता है जिसका मकसद लोगों की जान के साथ खिलवाड़करना है। तो सावधान हो जाइये आप ?

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मोमो चैलेंज क्या है?

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द मोमो चैलेंज ने फेसबु

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पर शुरूआत की, जहां सदस्यों को अज्ञात संख्या के साथ संवाद करने के लिए "चुनौती दी गई", द सन की सूचना दी। एक बार उपयोगकर्ता के साथ प्रारंभिक संपर्क स्थापित होने के बाद, मोमो खाता कई चुनौतीपूर्ण और गतिविधियों को भेजता है जिन्हें 'मोमो' से मिलने के लिए पूरा किया जाना है। इसमें कथित रूप से चुनौतियां शामिल हैं जो बच्चों को आत्महत्या के साथ समाप्त होने वाले हिंसक कृत्यों की श्रृंखला में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। यदि कोई उपयोगकर्ता गेम के आदेशों का पालन करने से इंकार कर देता है, तो मोमो ने हिंसक छवियों के साथ उन्हें धमकी दी, द सन ने बताया। जापान, मेक्सिको और कोलंबिया में यह खाता तीन नंबरों से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 'मोमो' लोकप्रिय प्लेटफार्मों पर एक सोशल मीडिया अकाउंट है जो बच्चों के बीच जिज्ञासा पैदा करने के लिए राक्षसी सुविधाओं, बड़ी आंखों और व्यापक मुंह वाली गुड़िया की एक छवि का उपयोग करता है। अधिकारियों के मुताबिक, लिंक फैक्टरी द्वारा मदर बर्ड नामक कलाकृति एक जापानी कलाकार मिडोरी हायाशी के काम से प्रेरित है, जिसकी चुनौती का कोई संबंध नहीं है।

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अर्जेंटीना पुलिस 12 वर्षीय की मौत को खेल से जोड़ रही है। लड़की ने अपने फोन पर आत्महत्या से ठीक पहले अपनी गतिविधियों को फिल्माया। ब्यूनस आयर्स टाइम्स ने बताया कि अधिकारियों को संदेह है कि किसी ने उसे अपना जीवन लेने के लिए प्रोत्साहित किया है। अधिकारी "किशोरावस्था के साथ शिकार कर रहे हैं जिनके साथ उन्होंने उन संदेशों का आदान-प्रदान किया" और माता-पिता को अपने बच्चों की ब्राउज़िंग गतिविधि की निगरानी करने के लिए चेतावनी जारी की है।