Breaking

Search This Blog

Thursday, May 24, 2018

महान पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल

  1. लौह पुरुष 
     भारत के लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल का जन्म ३१ अक्टूबर  1875  को गुजरात के खेड़ा जिले के नडियाड ग्राम मैं एक साधारण कृषक परिवार मैं हुआ उनके पिता झबेर भाई एक साधारण किसान और माता लाडबाई  साधारण महिला थीं सरदार पटेल उन भारत माता के वीर सपूतों मैं से एक थे ,जिनमे देश समाज   सेवा की भावना कूट कूट कर भरी हुई थी| वे कम बोलते थे  काम अधिक करते थे। बचपन से  ही पटेल कड़ी मेहनत करते आये थे  और काफी निडर थे 1910 मैं उन्होंने बकालत की परीक्षा मैं प्रथम श्रेणी प्राप्त की थी परीक्षा मैं अच्छे अंक आने के कारण उन्हें 750 रुपए  पुरूस्कार मिले और उनकी फीस भी माफ हो गई और वे इंग्लैंड से आकर घर पर ही वकालत करने लगे। 1920 मैं गाँधी जी के सत्याग्रह आंदोलन से प्रभावित होकर वे वरदोली चले गए। स्वतंत्रा आंदोलन मैं सरदार पहला और सबसे बड़ा योगदान खेड़ा संघर्ष मैं रहा। उनका कथन है "किसान डरकर दुःख उठायें और जालिमों की लातें खाये  इससे मुझे शर्म  आती है और मैं सोचता हूँ की किसानो को गरीब व कमजोर न रहने देकर सीधे खड़े करूँ और ऊँचा सर करके चने वाला बना दूँ  इतना करके मरूंगा  अपना जीवन सफल समझूंगा   "                                                                                                                                                                       Like us on facebook=https://www.facebook.com/facttalk1/

Post a Comment